1"खोखले सिद्धांत, दिशाहीन आदर्श जीवन के लिये पर्याप्त नही है,ये जीवन रोटी से चलता है,बड़ी बड़ी बातों से नही" -विद्रोही 2"दिल से अमीर आदमी कभी ग़रीब नही होता" (सोचों की तुम साथ क्या लाये थे और साथ क्या ले जाओगे) -विद्रोही 3 "ग़लत बातों का विरोध करने की बजाय गर आप चुप है तब आपकी सहनशीलता में नहीं बल्कि आपकी नपुंसकता में इज़ाफा हुआ है" -विद्रोही 4"फिरकापरस्ती के चलते नाम दोनों के ही बदनाम ,चाहे अल्लाह हो या राम" -विद्रोही 5आपकी लाखों बुराईयों के बावजूद आपको दो ही लोग चाह सकते है- पहली आपकी माँ और दूसरे आपके ब्लाइंड सपोर्टर्स 5"विरोधाभास होते ही सोशल साइट्स के रिश्ते ऐसे बिखरते है मानों जैसे की पतझड़ में शाखों से अलग होते पत्ते" -विद्रोही
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